Wednesday, June 30, 2010
"सोच हमारी आप की ": आज की Breaking news ....
"सोच हमारी आप की ": आज की Breaking news ....: "खबरों की खबर की रेस है...हर कोई यहाँ बहोत तेज है..हर कोई यहाँ सबसे पहला है और हर न्यूज़ यहाँ एक्सक्लूसिव है...हर आम यहाँ खाश है पर अनेकता मे..."
आज की Breaking news ....
खबरों की खबर की रेस है...हर कोई यहाँ बहोत तेज है..हर कोई यहाँ सबसे पहला है और हर न्यूज़ यहाँ एक्सक्लूसिव है...हर आम यहाँ खाश है पर अनेकता में ही एकता है हर कोई यहाँ हुंकारता है...पर सभी यहाँ एक है और तब भी जब दिल नही भरा तो ब्रेकिंग न्यूज़ की रेस है....
एक वक्त हुआ करता था जब खबर खबर हुआ करती थी कोई ब्रेकिंग न्यूज़ न थी...यका-यक एक दिन मेरी टीवी स्क्रीन पर ब्रेकिंग न्यूज़ नामक कुछ शब्द आये जिसे मै देखकर दंग रह गया आखिर यह ब्रेकिंग न्यूज़ होता क्या है ? तब मैने सोचा शायद टीवी वालों का नया प्रोग्राम होगा...पर जो भी हो इस ब्रेकिंग न्यूज़ ने मेरा ध्यान अपनी ओर आकर्षित तो किया.. पता चला की यह एक ख़ास खबर है जिसे मै बड़ी व्याकुलता से देखने लगा...अब जब भी ब्रेकिंग न्यूज़ आता...मेरा ध्यान अपनी ओर खीच लेता अब यह मुझे महत्वपूर्ण लगने लगा था...जब वह कहता की मै ब्रेकिंग न्यूज़ हूँ तो मेरे कलेजा मुहं को आ जाता..हे ईश्वर पता नही अब क्या हो गया...??
वक्त बीतता गया और मुझे ब्रेकिंग न्यूज़ की आदत सी लग गयी ..पर क्या पता था बेकिंग न्यूज़ अब ब्रेकिंग न्यूज़ न रहा ..जिसे देखो वही ब्रेकिंग न्यूज़ की दौड़ में लगा है..."कौन तेज और कौन सबसे तेज"...अब तो पता ही नही चलता की "न्यूज़ क्या है और ब्रेकिंग न्यूज़ क्या है"...बस कोई भी न्यूज़ हो उसे ब्रेकिंग न्यूज़ का जायका बनाकर परोस दिया जाता है...दर्शक भी क्या करे वे भी आखं फाड़ फाड़ कर ब्रेकिंग न्यूज़ के जायके का स्वाद लेने लगते है..यह स्वाद भी ऐसा जो कुछ पलों के बाद बदल जाता है ..और एक नये रूप रंग में फिर से परोस दिया जाता है..फिर यह कहलाता है ब्रेकिंग न्यूज़ .....
अब आज कल तो सास बहू न्यूज़ और फ़िल्मी गॉसिप ब्रेकिंग न्यूज़ है क्रिकेट की दुनिया में आम जनता बेहाल है और नेता भी माला माल है...अब आज कल तो शादी भी राष्ट्रीय त्यौहार है स्वयंबर की जयजय कार है एक मॉडल मर जाए तो देश में हाहाकर है और हमारा किसान मर जाए तो बेकार है..मै ये नही कहता कि किसी की जिन्दगी बेकार है..बस हमारे सोच कि तकरार है..आज हम हकीकत से रूबरू हो कर भी उसे दरकिनार कर रहे है..
मै ये नही कहता कि ब्रेकिंग न्यूज़ बदल जायेगी पर ऐसा आभास होता है कि यह किसी न किसी रूप में आयेगी ..शायद आज कि ब्रेकिंग न्यूज़.."Burning News " बन जाएगी..........
दस्त-ऐ-ज़मील-ऐ-तरबखेज मेरी माँ के थे
उन हरेक पल वो साथ जो मेरे इम्तहाँ के थे
हरेक सिम्त समेत दी कि हो जाऊं कामरां
वगरना कल तक सब कहाँ के हम कहाँ के थे
अहल-ऐ-जहां ओ ये पेंच-ओ-ख़म का दम
मुझे गिराने वाले सब मेरे ही कारवां के थे
जब तक वो न थी करीब,तो सब थे रकीब
हम तब तक उम्मीदवार खुर-ऐ-गलताँ के थे
आज तो दे रखीं हैं सौ दुकाने किराए पर
कल तक खरीदार खुद हम अपनी दुकाँ के थे
दस्त-ऐ-ज़मील-ऐ-तरब्खेज़--खुशि
सिम्त--दिशा
अहल-ऐ-जहां--दुनियावाले
कामरां--सफल
पेंच-ओ-ख़म--दाओ-पेंच
कारवां--जुलूस
खुर-ऐ-गलताँ--डूबता सूरज
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